किसी के लिए हम बहुत कुछ थे, आज वही हमें अजनबी समझते हैं।
वो लम्हा भी अजीब होता है जब कोई अपना, अपना नहीं रहता और उसकी यादें दिल से जाती नहीं।
मोहब्बत दिल से की थी मगर किस्मत से हारी,
वो जो कभी कहते थे, हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते,
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
तुमसे दूरी ने हर चाहत को खामोशी में बदल दिया…!!!
अब दर्द की आदत सी हो गई है, खुशी मिले तो अब डर सा लगता है।
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी।
तुमसे मिलने की उम्मीद कभी खत्म नहीं हुई,
फिर किताबों से मिटाने की ज़रूरत क्या है.
कुछ रिश्ते खामोशी से ज्यादा आवाज़ रखते हैं,
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
As we action into 2025, the passion of writing and looking through Shayari has developed considerably, In particular Among the many youth. Lots of turn to this type of literature to prepare their ideas and provides meaning to their emotions.
तेरे जाने के बाद, ये दुनिया और भी Sad Shayari स्याह सी लगने लगी,